Friday, June 15, 2007

मेरा लखनऊ कभी ऐसा था......

कैसरबाग का भव्य दृश्य
दिलकुशा महल – जहाँ अवध के रियासतदार एवँ नवाब रहा करते थे।
लामार्टिनियर स्कूल – कभी क्लाड मार्टिन का घर
छतर मंज़िल
छोटा इमामबारा

11 Comments:

Blogger Manish said...

क्यूँ भाई बड़े दिनों तक गायब रहते हो ? पुराने लखनऊ का स्वरूप आँखों के सामने घूम गया इन चित्रों की मदद से।

9:46 AM  
Blogger Abhishek Sinha said...

मनीष जी, कोशिश करूँगा कि आप सब से चिठ्ठे के माध्यम से जल्दी मिला करूँ।

10:40 AM  
Blogger RC Mishra said...

अभिषेक जी आपको मालूम होगा ये तस्वीरें लखनऊ मे अन्ग्रेजों के कब्जे के समय (1858)की हैं। इस से सम्बन्धित उस समय की और तस्वीरें यहाँ देखी जा सकती हैं।

10:45 AM  
Blogger Abhishek Sinha said...

मिश्रा जी, लिंक के लिये धन्यवाद।

11:11 AM  
Blogger Divine India said...

कहते हैं लखनबी तमीज़ का कोई जोर नहीं और यह इन तस्वीरों के द्वारा भी व्यक्त हो रहा है…बधाई!!!

9:56 PM  
Blogger Abhishek Sinha said...

हुज़ूर एकदम सही फरमाया आपने एवँ आपको भी बधाई ।

7:01 PM  
Blogger Nitin Bagla said...

अभिषेक, मेरे चिट्ठे को अपने ब्लागरोल में जगह देने के लिये शुक्रिया।

4:24 PM  
Blogger उन्मुक्त said...

दुर्लभ चित्र हैं।

6:13 AM  
Blogger रजनी भार्गव said...

अभिषेक आप के ब्लाग पर पहली बार आई हूँ और तस्वीरें देख कर बहुत खुशी हुई विशेषकर आज का लखनऊ और कल का लखनऊ देख कर.साभार सहित.

6:26 AM  
Blogger Dr Prabhat Tandon said...

लखनऊ को पुराने स्वरुप मे देखकर मजा आ गया , और भी ऐसे चित्र डालें ।

8:17 AM  
Blogger सुमित सिन्हा|Sumit Sinha said...

गुरुजी.कोम पर लखनऊ लिखने पर सीधे पहला परिणाम आपके ब्लाग का था॥। इन तस्वीरों को देख कर बहुत अच्छा लगा

9:18 PM  

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